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वो बदल गए।

वो साथ चलते थे, समझदार थे, 
वो काफी अच्छे थे, वफादार थे, 
उगना तो वो सूरज सा चाहते थे, 
दिन होते ही, तारों सा ढल गये, 
वो बदल गए। 

बेचारे नहीं थे, बेहद खास थे, 
दूर नहीं थे, बहुत पास थे, 
दोस्ती वो हक़ से निभाना चाहते थे, 
फिर एक दिन जो दोस्तों के घर गए, 
वो बदल गए। 

इंसान थे, समझ थोड़े ही आते थे, 
कुत्तों की तरह काट थोड़े ही खाते थे, 
व्यवहार कुशल थे, बहती हवा से थे, 
फ़टे हुए नोट थे, धोखे से चल गये, 
वो बदल गए। 

लहरों की तरह मुझसे टकराकर,
पागल कर दिया उन्होंने मुस्कुराकर,
जान चली जाए, उनको देख लूँ तो, 
वो ज़माने और थे, वो जो अब गुज़र गये, 

वो बदल गए।

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इसीलिए मैं तेरे बिछड़ने पे सुगुवार नही, सुकून पहली जरूरत है, तेरा प्यार नहीं जवाब ढूंढने में उम्र मत गवां देना, सवाल करती है दुनिया, ऐतबार नहीं मेरे भरोसे पे कश्ती बनाना मत छोड़ो, नदी में जाना है मुझको, नदी के पार नहीं।