मुहल्ले का वो लड़का , जो पढ़ने में सबसे तेज़ था, ग्यारहवीं क्लास में आते आते , चश्मा पहनने लगा था , इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए , दिन रात एक करता था , coaching वाली लड़की जो , Irodov और H C verma की किताब में , friction वाले सवाल की तरह अटक गयी थी , उस लड़की को दूर भगाता था , बस एक बार इंजीनियर बन जाये , तो लड़की के घर जाकर , हीरो माफ़िक हाथ मांग लेगा उसका , अच्छे कॉलेज से इंजीनियरिंग का कुल इतना ही मतलब समझता था , लड़का इंजीनियर बन गया , सुना है बड़ी कंपनी में नौकरी भी करता है , कंपनी में और भी ना जाने कितने मुहल्लों के, पढ़ने में सबसे तेज़ लड़के हैं , कंपनी जैसे हजारों मुहल्ले निगल जाती हो , लड़के के मुहल्ले के कई लड़के , उसके जैसा होना चाहते हैं , चश्में का नंबर बढ़ गया है , अच्छे मेहंगे चश्में से भी वो , coaching वाली लड़की साफ नहीं दिखती , वो ऐसे ही किसी दूसरे मुहल्ले के , पढ़ने में सबसे तेज़ लड़के की बीवी है , लड़का जिंदगी से हरा नहीं है , उदास भी नहीं है , घूमता-फिरता है , कार्ड swipe करता है , जैसे टाइम से सुबह स्कूल जाता था , वैस...